नीमच टुडे न्यूज़ | नीमच हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर संगम तीर्थ बालाजी कुड़ी, कानाखेड़ा में श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। तीन गांवों से निकली इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। मातृशक्ति सिर पर मंगल कलश धारण कर भक्ति भाव से चल रही थी, वहीं डीजे पर भजनों की मधुर स्वर लहरियां वातावरण को भक्तिमय बना रही थीं। कार्यक्रम में भागवत आचार्य पंडित पुष्कर नागदा ने प्रवचन देते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत का श्रवण जीवन में सुख, शांति और आत्म कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है।
उन्होंने बताया कि भगवान की भक्ति में प्रेम और समर्पण ही सबसे बड़ा साधन है। जब-जब धरती पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान अवतार लेकर धर्म की रक्षा करते हैं। उन्होंने आधुनिक जीवन में संस्कारों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों को महापुरुषों के नाम पर नामकरण करना चाहिए, जिससे उनके जीवन में अच्छे गुण विकसित हों। सत्संग और भक्ति को जीवन का आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि सांसारिक वैभव यहीं रह जाता है, लेकिन भजन और सत्संग ही मनुष्य के साथ जाते हैं। कार्यक्रम में संत बच्चा पुरी नागा महाराज और संत सर्वेश्वर मुनि का भी सानिध्य प्राप्त हुआ। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।