नीमच टुडे न्यूज़ | कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के सभी राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में कलेक्टर ने रास्ता विवाद, सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा, परंपरागत रास्तों सहित सभी राजस्व प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर मौके पर पहुंचकर त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन को समय पर राहत मिलना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में एसडीएम एवं तहसीलदार न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने तीन एवं छह माह से अधिक पुराने मामलों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। आगामी एक माह में कम से कम 85 प्रतिशत टीएल एवं नामांतरण प्रकरणों तथा 80 प्रतिशत बंटवारा प्रकरणों के निराकरण का लक्ष्य तय किया गया। साथ ही सभी एसडीएम को अधीनस्थ न्यायालयों की नियमित मॉनिटरिंग और निरीक्षण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई से जुड़े राजस्व मामलों का मौके पर पहुंचकर समाधान करने, सीमांकन के लंबित मामलों का सात दिन में निपटारा करने तथा भूमि विवादों के समाधान के लिए पुलिस के समन्वय से विशेष शिविर लगाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी न्यायालय में तीन माह से अधिक कोई राजस्व प्रकरण लंबित नहीं रहना चाहिए। बैठक में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने, तालाब, श्मशान, सार्वजनिक रास्तों और अन्य सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने, फार्मर रजिस्ट्री, आरसीएमएस पोर्टल, राजस्व नक्शों के अद्यतन, भू-अर्जन एवं उच्च न्यायालय, लोकायुक्त तथा मानवाधिकार आयोग से जुड़े लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। बैठक में अपर कलेक्टर बी.एस. कलेश, एसडीएम पराग जैन, संजीव साहू, किरण आंजना, डिप्टी कलेक्टर चंद्रसिंह धार्वे, श्रुति भयड़िया सहित जिले के सभी तहसीलदार एवं राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।