कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आपदा की स्थिति में घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा, पर्याप्त एम्बुलेंस, जेसीबी, ट्रैक्टर सहित सभी आवश्यक संसाधनों का अद्यतन डाटाबेस उपलब्ध रहे, ताकि राहत एवं बचाव कार्य तेजी से किए जा सकें। उन्होंने जिले के औद्योगिक प्रतिष्ठानों को नियमित सुरक्षा ऑडिट और प्रदूषण नियंत्रण ऑडिट कराने तथा सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमलता अग्रवाल ने औद्योगिक इकाइयों में प्रशिक्षित सुरक्षा दल और आपातकालीन निकासी योजना तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के तहत नशामुक्त समाज बनाने की अपील भी की।
कार्यशाला में आपदा प्रबंधन संस्थान के विशेषज्ञों ने भूकंप, बाढ़, रासायनिक दुर्घटनाओं, प्राथमिक उपचार, भूकंपरोधी भवन निर्माण और अग्नि सुरक्षा जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया तथा आधुनिक बचाव उपकरणों का प्रदर्शन भी किया। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी, औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि और पत्रकार मौजूद रहे।