नीमच टुडे न्यूज़ | अंचल में अच्छी बारिश और खुशहाली की कामना को लेकर रविवार को चीताखेड़ा गांव में परंपरागत उज्जैयिनी का आयोजन श्रद्धा और धार्मिक आस्था के साथ किया गया। ग्रामीणों ने खेड़ा देवताओं, इंद्रदेव तथा ग्राम देवियों-देवताओं की विशेष पूजा-अर्चना कर चूरमा-बाटी का भोग लगाया। साथ ही गांव, पशुधन और खेती की समृद्धि तथा प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा की प्रार्थना की गई। ग्रामीणों ने बताया कि खरीफ फसलें अभी शुरुआती अवस्था में हैं और बेहतर उत्पादन के लिए झमाझम बारिश की आवश्यकता है। इसी कामना से बजरंग मंदिर, शीतला माता मंदिर और अन्य देवस्थानों पर हवन-पूजन आयोजित किया गया। गांव के पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर इंद्रदेव से पर्याप्त वर्षा की प्रार्थना की। परंपरा के अनुसार पशुओं को गांव से बाहर निकालकर टोटका किया गया तथा अभिमंत्रित जल और नीम की पत्तियों से उनका छिड़काव कर महामारी से बचाव की कामना की गई। ग्रामीणों ने गांव की सुख-समृद्धि, देश में अमन-चैन और अच्छी वर्षा के लिए सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना में भाग लिया। कार्यक्रम में गांव के पुजारी, समाजजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।