नीमच टुडे न्यूज़ | नीमच मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार ज्ञानमंदिर विधि महाविद्यालय में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर महर्षि सांदीपनि पर्व एवं दीक्षारंभ समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। प्राचार्य डॉ. विवेक नागर ने गुरु पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा के साथ अनुशासन और नैतिक मूल्यों का पालन ही विद्यार्थियों को श्रेष्ठ नागरिक बनाता है।
मुख्य अतिथि जिला विधिक सहायता अधिकारी प्रवीण पूनिया ने कहा कि विधि शिक्षा केवल कानून का अध्ययन नहीं, बल्कि न्याय, अनुशासन, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व का भी बोध कराती है। उन्होंने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाओं, लीगल एड क्लीनिक और विधिक साक्षरता अभियानों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने महाविद्यालय की शॉर्ट फिल्म को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की प्रतियोगिता में वेस्ट ज़ोन में द्वितीय स्थान मिलने पर बधाई भी दी। कार्यक्रम में पूर्व प्राचार्य अख्तर अली शाह, सचिव राजेश मानव सहित अन्य अतिथियों ने गुरु-शिष्य परंपरा और नैतिक शिक्षा के महत्व पर विचार व्यक्त किए। समारोह में महाविद्यालय के प्राध्यापकों का सम्मान भी किया गया तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।