प्रशासनिक पुनर्गठन में जमीनी सुझावों को मिलेगी प्राथमिकता, आयोग ने तहसील स्तर पर लिया फीडबैक | @NeemuchToday

नीमच टुडे न्यूज़ | मध्यप्रदेश प्रशासनिक पुनर्गठन आयोग प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनोन्मुख बनाने की दिशा में लगातार सुझाव जुटा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को नीमच में आयोग के सचिव अक्षय कुमार सिंह की मौजूदगी में तहसील स्तरीय बैठक आयोजित हुई, जिसमें विकासखंड, तहसील, ब्लॉक, ग्राम पंचायत और ग्राम स्तर तक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सीधे संवाद कर उनके सुझाव लिए गए। बैठक में  सिंह ने कहा कि प्रशासनिक पुनर्गठन का उद्देश्य केवल नई प्रशासनिक इकाइयों का गठन करना नहीं, बल्कि स्थानीय आवश्यकताओं, भौगोलिक परिस्थितियों, जनसंख्या, प्रशासनिक सुविधा और आमजन को शासकीय सेवाओं की सहज उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था को अधिक कार्यकुशल और जवाबदेह बनाना है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के अनुभव आयोग के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं और इन्हीं के आधार पर व्यावहारिक एवं जनहितैषी अनुशंसाएं तैयार की जाएंगी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से तनाव प्रबंधन पर भी चर्चा की और सकारात्मक कार्य संस्कृति, समय प्रबंधन, आपसी समन्वय तथा नियमित संवाद को बेहतर प्रशासन की आधारशिला बताया। बैठक में प्रशासनिक सीमाओं, क्षेत्रफल, जनसंख्या, आवागमन और शासकीय सेवाओं से जुड़े विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए गए। आयोग के सचिव ने सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार कर उन्हें अनुशंसाओं में शामिल करने का भरोसा दिलाया। बैठक में अपर कलेक्टर एवं जिला नोडल अधिकारी बी.एस. कलेश, सभी एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार तथा विभिन्न विभागों के विकासखंड, तहसील एवं पंचायत स्तर के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

Top