नीमच टुडे न्यूज़। समीपस्थ धार्मिक नगरी बमोरा स्थित विमलनाथ जैन जिनालय में गुरुवार को 10वें ध्वजारोहण महोत्सव का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु शामिल हुए।
महोत्सव को संबोधित करते हुए पूज्य संन्यास प्रवर राजरत्न विजय जी म.सा. ने कहा कि जिनालय के शिखर पर लहराती धर्म ध्वजा केवल धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि श्रद्धा, आस्था और आत्मकल्याण का संदेश देने वाली प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि ध्वजा के दर्शन से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और मंगल भाव का संचार होता है।
उन्होंने कहा कि परमात्मा के जिनालय के शिखर पर ध्वजारोहण कराने वाले लाभार्थी परिवार की कीर्ति चारों दिशाओं में फैलती है। ध्वजारोहण का सौभाग्य दुर्लभ होता है और इससे श्रद्धालुओं को पुण्य की प्राप्ति होती है।
महोत्सव की शुरुआत जिनालय में विधि-विधान से अष्ट प्रकारी पूजा, स्नात्र पूजा और सत्तरभेदी पूजा के साथ हुई। इसके बाद आचार्य देव श्री निपुण रत्न सूरीश्वर जी म.सा., राजरत्न विजय जी म.सा. सहित साधु-साध्वी मंडल के सान्निध्य में लाभार्थी परिवारों ने जिनालय के शिखर पर धर्म ध्वजा फहराई।
ध्वजारोहण के दौरान जिनालय परिसर जय-जय विमलनाथ जी और जय जिनेंद्र के जयकारों से गूंज उठा। कार्यक्रम के बाद सामूहिक चैत्यवंदन, आरती और शांति कलश का आयोजन हुआ। समापन पर सामूहिक स्वामी वात्सल्य रखा गया। जैन समाज के वरिष्ठ शिखरचंद कंकरेचा ने आभार व्यक्त किया।