नीमच टुडे न्यूज़ | पेपर लीक मामले को लेकर नीमच में पिछले कई दिनों से चल रहा धरना-प्रदर्शन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद फिलहाल स्थगित कर दिया गया। आंदोलनकारियों ने इसे अपनी पहली सफलता बताते हुए कहा कि छात्रों के हितों से जुड़े अन्य मुद्दों पर उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। धरने में शामिल कांग्रेस नेता राजकुमार अहीर ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा आंदोलन की उपलब्धि है, लेकिन धरने के दौरान छात्र-छात्राओं के साथ हुई कथित बदसलूकी की निष्पक्ष जांच भी कराई जानी चाहिए। उनका कहना था कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनकी आवाज उठती रहेगी। जयस जिला अध्यक्ष बद्रीलाल मोहन ने कहा कि यह आंदोलन छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर किया गया था। वहीं झलक राजपूत ने इसे छात्रों की एकजुटता का प्रतीक बताया। भाजपा जिला अध्यक्ष राजवीर खराड़ी ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से किए गए इस आंदोलन के माध्यम से छात्रों की आवाज सरकार तक पहुंची है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और छात्रों के हित से जुड़े प्रत्येक मुद्दे पर सभी को एकजुट होकर सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि धरना फिलहाल स्थगित किया गया है, समाप्त नहीं। आवश्यकता पड़ने पर छात्रों के हित में आगे भी आंदोलन जारी रखा जाएगा।